छत्तीसगढ़
महिला परामर्श केंद्र के काउंसलर्स के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
Shantanu Roy
17 Feb 2026 11:15 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के महिला परामर्श केंद्र में सोमवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला परामर्श केंद्र में कार्यरत काउंसलर्स की पेशेवर दक्षता और कार्यकुशलता को बढ़ाना और पारिवारिक विवाद एवं घरेलू मामलों के संवेदनशील और प्रभावी समाधान को सुनिश्चित करना था। इस प्रशिक्षण का आयोजन पुलिस कमिश्नरेट रायपुर और यूनिसेफ की सहयोगी संस्था “काउंसिल टू सिक्यॉर जस्टिस” के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त डॉ. अर्चना झा ने की। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण में महिला परामर्श केंद्र रायपुर में सेवाएं दे रही 10 काउंसलर्स ने सक्रिय भागीदारी दिखाई।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उर्वशी तिलक उपस्थित रहीं, जिन्होंने काउंसलिंग के व्यावहारिक, मनोवैज्ञानिक और व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। प्रशिक्षण में यह विशेष रूप से समझाया गया कि मानसिक आघात (मेंटल ट्रॉमा) से जूझ रहे पक्षों को संवेदनशीलता, धैर्य और निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ कैसे संबोधित किया जाए। काउंसलिंग के दौरान प्रभावी सुनने की तकनीक, परामर्श में अपनाई जाने वाली सावधानियां, और किन बातों से परहेज किया जाना चाहिए—इन विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इसके अलावा, वर्तमान परिप्रेक्ष्य में काउंसलिंग के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों और जमीनी स्तर की समस्याओं पर भी प्रतिभागियों के साथ संवाद किया गया। इस दौरान समाधानपरक दृष्टिकोण साझा किया गया और विभिन्न केस स्टडीज के माध्यम से काउंसलर्स को व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त (महिला शाखा) निकिता तिवारी मिश्रा, रुचि वर्मा और महिला थाना प्रभारी अर्चना धुरंधर भी उपस्थित रहीं। सभी अधिकारियों ने प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका और महिला परामर्श केंद्र में कार्यरत कर्मचारियों के संवेदनशील कार्य की सराहना की। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल काउंसलर्स को तकनीकी और व्यावहारिक कौशल प्रदान करना ही नहीं था, बल्कि उन्हें यह भी समझाना था कि घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद और मानसिक आघात के मामलों में समय पर उचित कार्रवाई और उचित परामर्श कैसे दिया जाए। प्रशिक्षण में इस बात पर जोर दिया गया कि काउंसलिंग प्रक्रिया में सुनवाई, सहानुभूति और समाधानकुशलता सबसे महत्वपूर्ण हैं।
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